राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले का नाम राजनांदगांव की बजाय स्व.महंत राजा दिग्विजय दास के नाम पर करने की मांग उठ रही है। गुरुवार 10 जुलाई को सर्व समाज प्रमुखों ने संगोष्ठी कर राजनांदगांव को दिग्विजय नगर नाम दिए जाने को लेकर अपनी सहमति दी। इसके साथ ही इस अभियान को लेकर पुरजोर समर्थन भी दिया है। सर्व समाज की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया है कि आने वाले दिनों में राजनांदगांव जिले का नाम दिग्विजय नगर किया जाए। सर्व समाज प्रमुखों ने इसके लिए दिग्विजय नगर समिति को अभियान चलाने के लिए अपना समर्थन भी दे दिया है।

दिग्विजय नगर समिति के बैनर तले संगोष्ठी का आयोजन किया गया। आयोजन में जिले को दिग्विजय नगर किए जाने की मांग रखी गई है। बैठक में सर्व समाज के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए और अपने विचार रख कर इस मुहिम को तेज करने के लिए अपना समर्थन दिया है। संगोष्ठी के आयोजन में दिग्विजय नगर नाम देने को लेकर अलग अलग तथ्य रखे गए हैं जिनमें रियासत कालीन इतिहास के कई तथ्यों को शामिल किया गया है। इसके बाद सर्व समाज प्रमुखों ने राजनांदगांव जिले का नाम दिग्विजय नगर किए जाने को लेकर अपनी सहमति प्रदान की है।

इन्होंने रखी अपनी बात
संगोष्ठी सभा में महापौर हेमा देशमुख, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत वर्मा, गणेश शंकर मिश्रा, समाजसेवी दामोदरदास मूंदड़ा, सुदेश देशमुख, जरनैल सिंह भाटिया, प्रेस क्लब सचिव अनिल त्रिपाठी, चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राजा मखीजा, संजय रिजवानी, राकेश सेठिया, संजय बहादुर सिंह, अजय परिहार, निखिल भदोरिया, शिवकुमार वैष्णव, अनूप वैष्णव, अमर लालवानी, घनश्याम वैष्णव, देवेंद्र मोहन लाला, डीसी जैन, सतीश भट्टड़ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

राजनांदगांव का अपना इतिहास: देशमुख
नगर निगम महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि राजनांदगांव का अपना इतिहास रहा है और राजनांदगांव के राजा महंत राजा दिग्विजय दास ने जिले की भलाई के लिए अनेक कार्य किए हैं। निश्चित तौर पर उनके कार्यों की आज भी सराहना होती है और इसके साथ ही आज चिंतन का समय है कि महंत राजा दिग्विजय दास के नाम को एक अमिट पहचान दी जाए।

उन्होंने कहा कि जैसा कि सर्व समाज ने यह फैसला लिया है कि राजनांदगांव जिले का नाम अब दिग्विजय नगर किया जाए तो इस फैसले में वे सर्व समाज के साथ हैं उन्होंने कहा कि सभी समाज प्रमुख इस पर अपनी सहमति दे दें ताकि मैं नगर निगम में प्रस्ताव कर आगे की कार्रवाई कर सकूं।