रायपुरः आज का पंचांग 28 सितंबर 2022 दिन बुधवार आश्विन शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि रात 1 बजकर 27 मिनट से है। विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944 और सूर्य दक्षिणायन का है। नक्षत्र चित्रा 6 बजकर 14 मिनट तक और चंद्रमा तुला राशि में है। आज का राहुकाल दिन 11 बजकर 54 मिनट से 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। आज ज्योतिषाचार्य अंजु सिंह परिहार बता रही हैं राशि के अनुसार समस्त रोग-शोक दूर करने और आयु-यश में वृद्धि के उपाय।

मेषः मेष राशि के जातक आज के दिन घर के बड़े-बुजुर्ग और माता की सेवा करें। दुर्गा चालीसा का पाठ करें। उसके उपरांत माता को चीनी अर्पित करें तथा वाणी में भी मिठास रखें। पाठ समाप्ति के बाद माता के चरणों में औषधीय पौधे रखें। इस पर्व पर मेष राशि के लोगो को लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।

वृषभः इस राशि के लोग को ललिता सहस्त्र नाम का पाठ करना चाहिए। सफेद और गुलाबी रंग के कपड़े पहनने तथा मालपुआ बनाकर माता के चरणों में अर्पित कर बच्चों में प्रसाद बांटें।

मिथुनः इस राशि के लोगों को मां की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए देवी यंत्र स्थापित करना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य और यश प्राप्ति के अवरोध को दूर करती है। आने वाले हर प्रकार के रुकावट से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही मीठे रसीले फल को माता को अर्पित करें।

कर्कः कर्क राशि के लोगों को माता के विशेष कृपा प्राप्ति के लिए सहस्त्र नाम का पाठ करना चाहिए। इस राशि के लोगों को हल्के सफेद रंग के कपड़े माता को अर्पित करनी चाहिए, जिससे उनके ग्रह के स्वामी चन्द्रमा की विशेष कृपा प्राप्त हो सके। चीनी का दान करें।

सिंहः सिंह राशि के लोगो के लिए मां कुष्मांडा की साधना विशेष फल देने वाली है। अपनी मंद हंसी से जगत का निर्माण करने वाली मां कुष्मांडा देवी आपको स्वास्थ्य एवं आयु देकर यशस्वी बनायें इसके लिए आपको माता के मंदिर में ओपल अर्पित करते हुए कुष्मांडा के मंत्र का जाप करना चाहिए।

कन्याः इस राशि के लोग दुर्गा चालीसा का पाठ करें। मंत्रों का पूरे विधि-विधान से पाठ करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए देवी की आराधना अत्यन्त फलदायी है। इस राशि के ग्रह का स्वामी भी बुध होता है, अपने ग्रह के स्वामी बुध को नियंत्रण में रखने के लिए कन्या राशि के लोगों को देवी को प्रसन्न करने के लिए अनुशासित रहकर मां का नाम जाप करना चाहिए तथा सफेद या हल्के रंग के वस्त्र माता के चरणों में अर्पित करना चाहिए।

तुलाः तुला राशि के लोगों को मां से विशेष फल प्राप्त के लिए दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ फलदायी होगा। इनकी पूजा से राशि के ग्रह शुक्र प्रसन्न होंगे और समस्त रोग समाप्त होकर समृद्ध करेंगे। इस दिन तुला राशि के लोगों को सफेद तथा हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए तथा दूध एवं चावल का भोग लगाना चाहिए।

वृश्चिकः वृश्चिक राशि के लोगों को पूजा के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यधिक महत्व का है। वृश्चिक राशि के लोगों को लाल रंग के वस्त्रों को माता को धारण कराना चाहिए, जिससे उनके ग्रह के स्वामी मंगल प्रसन्न रहेंगे तथा माता को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाना चाहिए।

धनुः धनु राशि के लोगों को देवी के मस्तक पर चन्द्र धारण कराना चाहिए, जिससे माता की कृपा से व्यक्ति के भीतर साहस की भावना उत्पन्न होती है तथा उसका भय नष्ट हो जाता है। धनु राशि के लोगों को माता को पीले वस्त्र अर्पित करनी चाहिए तथा बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए एवं उसे ब्राहम्णों को भोज कराना चाहिए।

मकरः इस राशि के लोग प्राकृतिक प्रकोप, मौसमी बीमारी से बचने एवं समूल शमन के लिए नर्वाण मंत्र का जाप करें। इस राशि वालों को नीले रंग माता को अर्पित करनी चाहिए, जिससे माता प्रसन्न होंगी और यश तथा आयु में वृद्धि होगी साथ ही माता को सूखे मेवे अर्पित करें।

कुंभः कुंभ राशि के लोगों को देवी कवच का पाठ करने से उत्तम लाभ की प्राप्ति होती है। गहरे नील रंग के वस्त्रों को अर्पित करनी चाहिए। माता के इस रूप की पूजा से समस्त रोग, शोक व संताप से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही माता को मूंग दाल का हलवा तथा पूड़ी का प्रसाद का भोग लगाकर गरीबो में वितरित करनी चाहिए।

मीनः इस राशि के लोगों के लिए देवी को हल्दी की माला लेकर बगलामुखी मन्त्र का जाप फलदायी है। इस राशि के ग्रह स्वामी गुरु हैं, अतः अपने ग्रह के स्वामी को प्रसन्न रखने के लिए इस राशि के लोगो को केशरिया या हल्के रंग के कपड़े माता को पहनाने चाहिए। साथ ही रसीले फल और औषधी को माता के चरणों में अर्पित करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी प्रचलित मान्यताओं, धर्मग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र के आधार पर ज्योतिषाचार्य डॉ. अंजु सिंह परिहार का निजी आकलन है। आप उनसे मोबाइल नंबर 9285303900 पर संपर्क कर सकते हैं। सलाह पर अमल करने से पहले उनकी राय जरूर लें।