नई दिल्लीः बिहार, झारखंड और यूपी सहित पूरे उत्तर भारत में राखी को लेकर सनसनीखेज अफवाह फैल रही है। दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक के लोग भी एक दूसरे को फोन और मैसेज के जरिए इसके बारे में पूछ रहे हैं। कहा जा रहा है कि राखी खोल दो वरना मौत हो जाएगी... राखी खोल दो नहीं तो कोई हादसा हो जाएगा। इन अफवाहों को सुनकर कई लोगों ने चुपचाप अपनी राखी खोलकर फेंक दी है। हद तो ये है कि अच्छे खासे पढ़े-लिखे लोग भी इस अंधविश्वास के अफवाह को सच मान बैठे हैं। आरपीएल न्यूज़ ने अपने दर्शकों के लिए इस अफवाह की सच्चाई का पता लगाया।

शुक्रवार की शाम से अचानक ये अफवाह फैली की जिन लोगों ने अपने भाइयों को भद्रा में राखी बांधी है, उनकी या तो तबियत खराब हो रही है या फिर उनकी मौत हो जा रही है। लोग अपने परिचितों को कॉल/मैसेज करके राखी खुलवा भी रहे हैं। सोशल मीडिया में भी इससे संबंधित कई मैसेज शेयर किए गए। इन अफवाहों को बढ़ावा देने में पढ़े-लिखे लोग भी शामिल दिखे।




हालांकि इस अफवाह को रोकने वालों की भी कमी नहीं है। कुछ लोगों ने जागरूकता फैलाने की कोशिश की है। ऐसे ही एक यूजर ने लिखा है कि राखी मत खोलिए। यह बहन का पहनाया हुआ रक्षा कवच है,अफवाह से बचें बहन का पहनाया हुआ रक्षा कवच को काल भी छू नही सकता।



क्या है सच्चाई
राखी को लेकर कुछ साल पहले भी ऐसा ही अफवाह सामने आया था। तब बिहार के कई जिलों में ऐसा माना गया कि राखी बंधे हैं तो खोल दो नहीं तो अशुभ हो जाएगा। तब भी कई लोगों ने बिना सोचे समझे आनन-फानन में अपने हाथ में बंधी राखियों को खोलकर फेंकना शुरू कर दिया था। तब भी वह कोरे अफवाह के अलावा कुछ भी नहीं था। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है।

दरअसल, इस बार रक्षा बंधन को लेकर काफी कंफ्यूजन था। अनिष्ट की अफवाह को लेकर आरपीएल न्यूज़ ने श्री लोकमंगल ज्योतिष अनुसंधान संस्थान चित्रकूटधाम के निदेशक और ज्योतिषाचार्य राजेश महाराज जी (मोबाइल नंबर 8707370593) से बात की। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त के दिन पूर्णिमा तिथि के साथ श्रवण नक्षत्र होने की वजह से रक्षा बंधन त्योहार था। लेकिन गुरुवार को भद्रा की वजह से और मतांतर के अनुसार पूर्णिमा की उदया तिथि 12 अगस्त को होने के कारण शुक्रवार को भी रक्षा बंधन शुभ माना गया।

जिन लोगों ने भद्राकाल के दौरान राखी का त्योहार मनाया, उन लोगों ने पौराणिक कहानियों को आधार मानकर मन में डर पाल लिया। शनि की बहन भद्रा को श्राप की वजह से भद्राकाल में शुभ कार्य नहीं किया जाता है। मान्यता है कि रावण ने भद्राकाल में राखी बंधवाई थी और इसके एक वर्ष के अंदर रावण का विनाश हो गया था। बस इसी को लोग अफवाह बना रहे हैं कि जिन लोगों ने भद्रा में राखी मनाई है, उनके साथ अनिष्ट हो सकता है।

ज्योतिषाचार्य राजेश महाराज जी बताया कि 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा मकर राशि में होने से कारण उसका वास पाताल लोक में था। ऐसे में भद्रा का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योतिषीय गणना के अलावा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी ऐसे अनिष्ट की आशंका सिर्फ और सिर्फ अफवाह हो सकती है।

उन्होंने लोगों से ऐसे अफवाह से बचने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की है।