रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरु किया गया है। कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने गुरुवार को प्रदेश व्यापी स्वच्छता ही सेवा अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर राज्य में जन जागरूकता के लिए स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह स्वच्छता रथ 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य में  स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हाट- बाजारों एवं गांवों का भ्रमण करेगा।

हर साल की तरह इस साल भी 15 सितंबर से 2 अक्टूबर 2022 तक स्वच्छता ही सेवा अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। इसका  उद्देश्य गांवों में स्वच्छता हेतु जनजागरूकता लाना है। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सभी ग्रामों में जमा कूड़े कचरे को श्रमदान के माध्यम से सफाई की जायेगी। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, सोकपिट का निर्माण, कम्पोस्ट पिट का निर्माण , प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रीकरण, घर-घर कचरा एकत्रीकरण के लिए सामूहिक श्रमदान किया जाएगा, इसमे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों द्वारा बढ़ -चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।



स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा तथा जो गांव को ओडीएफ प्लस श्रेणी में आ गए हैं, उन्हें ओडीएफ घोषित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत प्रदेश में 1,14,871 व्यक्तिगत शौचालय, 9382 सामुदायिक शौचालय, 302 बायोगैस संयंत्र व 2 फिकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जा चुकी है। वहीं 5135 गांवों में कचरे का प्रबंधन व 6872 गांव में तरल अपशिष्ट का प्रबंधन का कार्य किया गया है, जिससे अबतक 4193 गांव ओडीएफ प्लस हो चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत इस साल 8000 गांवों को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य है।