नई दिल्ली: कोविड वैक्सीन की दोनों डोज, कोवैक्सीन या कोविशील्ड लगवा चुके 18 साल के ऊपर के लोग अब कॉर्बेवैक्स बूस्टर डोज ले सकते हैं। यह टीका आज यानी शुक्रवार से सभी केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस टीके की उपलब्धता निजी और सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर भी दिखने लगी है।

टीका निर्माता बायोलॉजिकल ई लिमिटेड ने बताया कि टीके की 10 करोड़ खुराकों की आपूर्ति केंद्र सरकार को कर दी गई है। कोर्बेवैक्स को भारत के पहले विषम लैंगिक कोरोना बूस्टर शॉट के रूप में 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को लगाने की मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एनअीएजीआई की सिफारिश के बाद कोर्बेवैक्स के आपातकालीन उपयोग को भी मंजूरी दे दी है। आपको किसी भी निजी केंद्रों पर कोर्बेवैक्स की एक खुराख के लिए 250 रुपए देने होंगे।

केंद्र सरकार ने कोरोना की रोकथाम के लिए बॉयोलॉजिकल ई कंपनी द्वारा तैयार कॉर्बेवैक्स बूस्टर टीके को मंजूरी दे दी है। ये 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए लगाए जाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जिन लोगों को कोरोना की कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगवाए छह महीने या 26 हफ्ते हो गए होंगे, वे लोग बूस्टर के तौर पर कोर्बेवैक्स लगवा सकते हैं।

यह पहला मौका है, जब बूस्टर डोज के रूप में प्राथमिक टीकाकरण में दी गई टीके की खुराक को छोड़कर दूसरे टीके को मंजूरी दी गई है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह मंजूरी टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के कोविड-19 वर्किंग ग्रुप द्वारा हाल ही में की गई सिफारिशों के आधार पर दी है। कॉर्बेवैक्स को 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोवैक्सीन या कोविशील्ड टीकों की दूसरी खुराक लगने की तारीख से छह महीने या 26 सप्ताह पूरा होने के बाद एक एहतियाती खुराक के रूप में दिया जा सकेगा।

कॉर्बेवैक्स की खुराक लेने के लिए कोविन पोर्टल पर आवश्यक परिवर्तन किए जा रहे हैं। यह देश का पहला स्वदेशी रूप से विकसित आरबीडी प्रोटीन वैक्सीन है। अभी कॉर्बेवैक्स कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। बता दें कि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने 4 जून को कॉर्बेवैक्स को 18 से अधिक उम्र के लोगों के लिए एहतियाती खुराक के रूप में मंजूरी दी थी।