बेमेतरा सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना के अंतर्गत बच्चों को भोजन नहीं मिलने से गरीब परिवार के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्योंकि गरीब परिवार में माता-पिता सुबह से काम पर निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों के लिए भोजन नहीं बनने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए निशुल्क शिक्षा के साथ बच्चों को भोजन मिले इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से मिड डे मील योजना शुरू की गई।

जानकारी के मुताबिक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में आधे से अधिक बच्चे दोपहर के भोजन से वंचित हैं। गिनती के बच्चे ही भोजन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं।

किसान नेता योगेश तिवारी ने बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कठिया, तिवरैया व टेमरी के सरकारी स्कूलों में पहुंचकर मध्याह्न भोजन योजना का निरीक्षण किया। जहां उन्हें स्कूल स्टाफ व बच्चों ने बताया कि करीब माह भर से स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं बन रहा है। नतीजतन बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है।

वहीं समूहों का 5 से 6 महीने का भुगतान बकाया है। ऐसी स्थिति में समूहों ने मध्याह्न भोजन बनाने का हाथ खड़े कर दिए हैं। क्योंकि बाजार में उन्हें उधारी मिलना बंद हो गया है और पुराना बकाया को लेकर दुकानदार परेशान कर रहे हैं। 

गांव के अलग-अलग स्कूलों का दौरा किया। जहां पिछले एक महीने से मध्याह्न भोजन बंद है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द मध्यान्ह भोजन शुरू करें, ताकि बच्चों को पोषण युक्त भोजन मिल सके। बेमेतरा विधानसभा के लगभग 90 प्रतिशत स्कूलों में यह योजना बंद है। योजना अंतर्गत बच्चों को शीघ्र भोजन नहीं मिलने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा।