दिल्ली: डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। वहीं अब इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) को डेंगू के टीके को पहले चरण के परीक्षण की अनुमति मिल गई है। यह अनुमति देश के लिए मील का पत्थर बन गयी है, चूंकि हमारे देश में अभी तक डेंगू का कोई टीका उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन को अमेरिका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

राजधानी दिल्ली में हाल में डेंगू के मामलों में तेज़ उछाल दर्ज की गई है। 5 सितंबर को जारी एक नागरिक निकाय की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दिल्ली में अब तक वेक्टर जनित बिमारियों के मामलों की संख्या 240 से अधिक हो गई है।

अगस्त के अंतिम सप्ताह तक 39 नए मामले सामने आ चुके थे। 3 सितंबर तक दर्ज किए गए 244 मामलों में से 75 अगस्त में दर्ज किए गए थे। इस साल अप्रैल में, भारत ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ मिलकर डेंगू का टीका विकसित करना शुरू किया।Panacea और Serum जैसी फर्मों को उम्मीदवारी मिली, जिसके तहत उन्होंने हाल ही में चरण 1 और 2 परीक्षण का पूरा किया। ICMR अब चरण 3 परीक्षणों के लिए दोनों के साथ साझेदारी कर रहा है।

डेंगू के मामलों को कम करने में मिलेगी मदद
नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के एचओडी, डॉ अजय अग्रवाल ने बताया कि देश में हर साल डेंगू के काफी मामले आते हैं। उन्होंने कहा कि, “हालांकि वैक्सीन को बन के तैयार होने में कुछ साल लगेंगे, लेकिन यह खबर कि अब हम एक टीके की दिशा में काम कर रहे हैं न केवल डेंगू की घटनाओं को कम करने और डेंगू से संबंधित मौतों को रोकने में एक लंबा रास्ता तय करेगी, बल्कि इससे मृत्यु दर और अस्पताल में भर्ती होने का बोझ में भी कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि हालांकि अमेरिका में डेंगू का टीका पिछले कुछ वर्षों से ही उपलब्ध है, भारत जैसे देश में जहां वायरस के चार प्रकार हैं जो म्यूटेट होते रहते हैं, देखना यह है कि टीके की प्रतिक्रिया कैसी रहती है, और वो हमारी मदद किस प्रकार से करते हैं।