रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस पर कर्मचारियों के हित में कई घोषणाएं की थी। उनमें फाइव डे वीक भी शामिल था। ऐसे में एक बार फिर कर्मचारियों की उम्मीदें बनी हुई है।

दरअसल छत्तीसगढ़ के कर्मचारी, अधिकारी केंद्र के समान डीए और एचआरए की मांग को लेकर लंबे समय से चरणबद्ध आंदोलन चला रहे हैं। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर 25 जुलाई से लेकर 29 जुलाई तक पांच दिन के कलमबंद हड़ताल से सरकारी कामकाज ठप्प रहा। वहीं फेडरेशन ने अब 22 अगस्त से बेमियादी हड़ताल का ऐलान किया है। इसकी सूचना चीफ सेक्रेटरी को भी दे दी गई है।

इस बीच खबर है कि सीएम भूपेश बघेल 15 अगस्त को पुलिस ग्राउंड में झंडा फहराने के बाद अपने उद्बोधन में डीए पर कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं। कर्मचारियों और अधिकारियों में इसकी खासी चर्चा है।

इधर मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारियों का भी कहना है, सरकार डीए नहीं देना चाहती, ऐसा नहीं है। वैसे भी पिछले गणतंत्र दिवस पर सीएम ने कर्मचारियों के हित में कई ऐलान किए थे।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में अभी 22 फीसदी महंगाई भत्ता मिलता है। मई में पांच प्रतिशत बढ़ाया गया था। उससे पहले यह 17 प्रतिशत था। जबकि केंद्र में 34 प्रतिशत है। कई राज्यों ने केंद्र के समान कर्मचारियों का डीए कर दिया है। यहां भी कर्मचारियों की निगाहें मुख्यमंत्री के 15 अगस्त के भाषण पर टिकी हुई है। चर्चा है कि अगर सब कुछ सही रहा तो सरकार पांच प्रतिशत डीए बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।