जालोर: राजस्थान के जालोर जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव में 9 साल के तीसरी क्लास में पढ़ने वाले एक छात्र ने स्कूल में उसके मटके से पानी पी लिया था जिसके बाद टीचर ने बेरहमी से छात्र इंद्र कुमार की पिटाई की। घटना के बाद बच्चे की कान की नस फट गई और हालत बिगड़ने से गुजरात के अस्पताल में शनिवार को 25 दिन बाद मौत हो गई। बच्चा अनुसूचित जाति के परिवार से आता था। घटना के बाद मासूम बच्चे की जान लेने वाला हैवान टीचर गिरफ्तार कर लिया गया है जहां पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और धारा 302 में मामला दर्ज किया गया है।

5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का ऐलान
वहीं घटना को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गहरा दुख जताते हुए मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से देने का ऐलान किया है।

गांव और आसपास के इलाकों में अगले आदेश तक इंटरनेट बंद
वहीं पुलिस की ओर से मामले के त्वरित अनुसंधान और दोषी को जल्द सजा देने के लिए केस ऑफिसर स्कीम के तहत चलाने का फैसला किया गया है| इधर घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में अगले आदेश तक इंटरनेट बंद करने के आदेश भी जारी हुए हैं|

आरोपी प्राइवेट स्कूल में टीचर है
बता दें कि घटना जालोर जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव की है जहां सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में मृतक इंद्र कुमार (9 साल) तीसरी कक्षा का स्टूडेंट था। वहीं स्कूल में आरोपी टीचर छैलसिंह (40 साल) पढ़ाता था। मिली जानकारी के मुताबिक गांव का यह स्कूल प्राइवेट तौर पर संचालित किया जाता है।

घटना के बाद मृतक छात्र के चाचा किशोर कुमार मेघवाल ने सायला पुलिस थाने में एक शिकायत देकर बताया कि उनका भतीजा इंद्र कुमार 20 जुलाई को स्कूल गया था जहां प्यास लगने के बाद उसने पास में रखे एक घड़े से पानी पी लिया। यह पानी का घड़ा टीचर छैलसिंह का अलग से रखा हुआ था जिससे कोई पानी नहीं पी सकता था।

परिजनों का आरोप है कि इंद्र कुमार के पानी पीने के बाद टीचर छैल सिंह ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया बुरी तरह से पीटा। वहीं बच्चे की पिटाई के बाद उसके दाहिने कान और आंख में अंदरूनी चोटें आई जिसके बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान 13 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया। बता दें कि मारपीट की घटना 20 जुलाई की है।